अभी तो बस

 मेरे गालो की लालिमा, 

मेरे चेहरे की चमक 

रौनक है देखो,,,, ये मेरे अधर 

अभी  तो....... बस पचास की हूँ मै

अभी तो .......बस जवान ही हूँ मै I


मेरे सफेद होते बालो का मखौल न उड़ा,

मेरे रूखे खड़े बालों पर न नज़रे गडा

बयां करती है तेरी नज़रे,,  कुछ उल्टा ही .................

अभी तो..... बस पचास की हूँ मै,

अभी तो ......बस जवान ही हूँ मै I


मेरी विधिवत आदतों पर तंज न कसो, 

बड़ी मेहनत से बन पाई है ये आदतें I

अभी तो बनी है गुरूर ये आदते I

अभी तो .....बस पचास की हूँ मै,

अभी तो....... बस जवान ही हूँ मै I


मेरा बेडौल शरीर मेरी अमानत है ,

ये मेरी ज़िन्दगी की ज़मानत है I

यूं न देख हास्य के लोभ में, 

अभी तो....... बस पचास की हूँ मै

अभी तो....... बस जवान ही हूँ मै I


सपनें अभी है........ कुछ ऊँची उड़ानों के 

कुछ शौंक..... और कुछ आदतों के तरानों से 

अभी तो;...... गर्दिशों में भी पा लूंगी मंजिल को 

अभी तो.... बस पचास की हूँ मै,

अभी तो.... बस जवान ही हूँ मै I




Comments

  1. बहुत सुंदर, but you're not 50.
    Who's the inspiration

    ReplyDelete
    Replies
    1. Saroj Kumari ma'am ke retirement par likhi thi but unhe suna nahi pai.

      Delete

Post a Comment