bhoolkar

तुम भूलकर भी नहीं भूल पाते हो,
कि तुम एक मर्द हो।
तुम्हे याद रखने से भी याद नहीं रहता
कि मैं भी एक इंसान हूं।
शायद मर्द नहीं जानते
इंसानियत का अर्थ
शायद ये पाठ फाड़ दिया जाता है
उनके सिलेबस से।

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